Assembly language की लाभ और हानियाँ क्या है?

Hello दोस्तों! आज हम इस पोस्ट में Advantages & Disadvantages of Assembly Language in Hindi (असेंबली भाषा के फायदे और नुकसान) के बारें में पढेंगे. इसे आप पूरा पढ़िए, आपको यह आसानी से समझ में आ जायेगा. तो चलिए शुरू करते हैं:-

असेम्बली भाषा के फायदे (Advantages of Assembly Language in Hindi)

असेम्बली भाषा के निम्नलिखित फायदे हैं-

  • यह प्रोग्रामर के समय की बचत करता है।
  • यह निर्देशों (instructions) में त्रुटियों (errors) को कम करता है।
  • इसमें त्रुटियाँ को बहुत तेजी से जांचा जा सकता है।
  • मशीनी भाषा (Machine language) की तुलना में असेम्बली भाषा (assembly language) के निर्देशों में तेजी से बदलाव किया जा सकता है।
  • इसमें प्रोग्रामर को मैमोरी में संग्रह स्थान (storage location) की संख्या को याद रखने की आवश्यकता नहीं पड़ती है।
  • Assembly language बहुत ही तेज होती है इसलिए यह तेज execute होती है.
  • यह कठिन कार्यों को सरल तरीके से run करती है.

इसे पढ़ें:- मशीन भाषा और असेंबली भाषा में क्या अंतर है?

असेम्बली भाषा के नुकसान (Disadvantages of Assembly Language in Hindi)

असेम्बली भाषा के निम्नलिखित नुकसान हैं-

  • हालाँकि यह भाषा मशीन भाषा से सरल है लेकिन प्रोग्रामिंग में अधिक समय लगता है और प्रोग्राम समझने में सरल भी नहीं होते हैं।
  • Assembly language में तैयार प्रोग्राम में त्रुटियाँ ढूँढना कठिन होता है।
  • असेम्बली भाषा भी मशीन भाषा पर आधारित हैं, इसलिए प्रत्येक कम्प्यूटर की अपनी एक अलग असेम्बली भाषा होती है जिसके कारण प्रत्येक कम्प्यूटर के लिए अलग-अलग प्रोग्राम तैयार करने पड़ते हैं।
  • इसके syntax को याद करना बहुत मुश्किल होता है.
  • इसे computer में ज्यादा memory की जरूरत होती है.

Reference:- https://www.educba.com/what-is-assembly-language/

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