Manual Testing in Hindi – मैन्युअल टेस्टिंग क्या है? – Software Testing

Hello दोस्तों! आज हम इस पोस्ट में Manual testing in Hindi (सॉफ्टवेयर टेस्टिंग में मैन्युअल टेस्टिंग क्या है?) के बारें में पढेंगे और इसके types को भी देखेंगे. आप इसे पूरा पढ़िए आपको यह आसानी से समझ में आ जायेगा. तो चलिए शुरू करते हैं:-

Manual Testing in Hindi – मैन्युअल टेस्टिंग क्या है?

Manual Testing एक प्रकार की सॉफ्टवेयर टेस्टिंग है जिसमें test cases को manually टेस्ट किया जाता है.

दूसरे शब्दों में कहें तो, “Manual testing एक टेस्टिंग की तकनीक है जिसमें automated tools का प्रयोग किये बिना test cases को manually टेस्ट किया जाता है.”

इसमें tester के द्वारा test cases को बिना automated tools का प्रयोग किये test किया जाता है.

Manual Testing का मुख्य उद्देश्य software application में से bugs, errors और defects को identify करना होता है.

मैन्युअल टेस्टिंग किसी software में से bugs को find करने की सबसे पुरानी तकनीक है.

Automated testing करने से पहले हमें हमेशा मैन्युअल टेस्टिंग करनी चाहिए. यह टेस्टिंग यह सुनिश्चित करती है कि software कार्य कर रहा है या नहीं.

इस टेस्टिंग में बहुत सारा effort और time लगता है. परन्तु यह bug free software प्रदान करता है. इस टेस्टिंग को करने के लिए manual testing technique की knowledge होनी चाहिए.

Advantage of Manual Testing in Hindi – इसके लाभ

इसके फायदे निम्नलिखित हैं:-

  1. यह सॉफ्टवेयर में से bugs और defects को find करता है जिससे सॉफ्टवेयर bug free बनता है.
  2. इसमें test cases को testing phase के दौरान design किया जाता है.
  3. इसमें यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि जिन defects को find किया है उन्हें developer के द्वारा fix किया जा चूका है. इसके बाद fix किये गये defect को दुबारा से test किया जाता है.
  4. यह टेस्टिंग system की quality को check करती है और customer को एक बेहतर product प्रदान करती है.
  5. इसमें tester के द्वारा visual components जैसे कि – text, layout आदि को आसानी से access किया जा सकता है.
  6. इसके operation का मूल्य बहुत ही कम होता है क्योंकि हम इसमें किसी tool का प्रयोग नहीं करते हैं.
  7. इसमें छोटे changes को तुरंत किया जा सकता है बिना code को write और execute किये.

Types of Manual Testing in Hindi – मैन्युअल टेस्टिंग के प्रकार

इसके प्रकार निम्नलिखित होते हैं:-

  1. Black Box Testing
  2. White Box Testing
  3. Unit Testing
  4. System Testing
  5. Integration Testing
  6. Acceptance Testing

Black Box Testing  –

Black box testing में, tester को software के आंतरिक code और structure की जानकारी नहीं होती है. इसमें customer की जरूरत के आधार पर software की functionality (कार्यक्षमता) को check किया जाता है. इस टेस्टिंग को test engineer के द्वारा पूरा किया जाता है.

इसमें टेस्टर को सॉफ्टवेयर का code नहीं दिखाई देता है इसलिए इसे black box testing कहते हैं.

White Box Testing 

White Box testing में, tester को सॉफ्टवेयर के आंतरिक code और structure की जानकारी होती है. यह टेस्टिंग developer के द्वारा की जाती है और इसमें code के प्रत्येक line को check किया जाता है.

इसमें टेस्टर को software का code दिखाई देता है इसलिए इसे white box testing कहते हैं.

इसे पूरा पढने के लिए click करें:- Black Box और white box Testing क्या है?

Unit Testing 

यूनिट टेस्टिंग में, सॉफ्टवेयर के प्रत्येक unit को test किया जाता है. इसका मुख्य उद्देश्य software के प्रत्येक unit को validate करना होता है जिससे कि software सही ढंग से work करे.

यूनिट टेस्टिंग को coding phase में developer के द्वारा perform किया जाता है. यह टेस्टिंग बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि यह development cycle के early phase में ही bugs को find कर देता है जिससे cost और time की बचत होती है.

इसे पूरा पढने के लिए क्लिक करें – Unit testing क्या है?

System Testing –

सिस्टम टेस्टिंग का अर्थ है “system को पूरी तरह से test करना.” इसमें पूरे software product को validate किया जाता है. इस टेस्टिंग का उद्देश्य end-to-end system specifications को evaluate करना है.

इसे professional tester के द्वारा perform किया जाता है. सिस्टम टेस्टिंग के 50 से ज्यादा प्रकार होते है. इसके कुछ प्रकार निम्नलिखित हैं:-

  • Load testing
  • Regression testing
  • Recovery testing
  • Migration testing
  • Functional testing

Integration Testing –

Integration Testing में, सॉफ्टवेयर के प्रत्येक unit को combine करके एक group में test किया जाता है. एक software में बहुत सारें units होते हैं और उन्हें अलग-अलग programmer के द्वारा code किया जाता है.

इस टेस्टिंग का मुख्य उद्देश्य यह test करना होता है कि जब इन units को एक साथ integrat किया जाये तो उनमें कोई defect ना हो.

इसे पूरा पढने के लिए क्लिक करें:- Integration testing क्या है?

Acceptance Testing –

Acceptance Testing एक टेस्टिंग तकनीक है जिसमें यह निर्धारित किया जाता है कि software यूजर के द्वारा specify की गयी जरूरतों को पूरा करता है या नहीं.

इसका मुख्य उद्देश्य business requirements को evaluate (मूल्यांकित) करना होता है. Acceptance testing के निम्नलिखित प्रकार होते हैं:-

  • Alpha testing
  • Beta testing
  • User acceptance testing

यह भी पढ़ें – Manual Testing Interview Questions

Manual Testing को कैसे perform करते हैं?

इसको perform करने के निम्नलिखित steps होते हैं:-

  1. सबसे पहले tester सॉफ्टवेयर से सम्बन्धित सभी documents को समझता है ताकि वो testing areas को select कर सके.
  2. उसके बाद टेस्टर requirement documents को analyze करता है.
  3. requirement document के आधार पर test cases को विकसित किया जाता है.
  4. सभी test cases को white box और black box testing का प्रयोग करके manually टेस्ट किया जाता है.
  5. यदि इसमें bug को find किया जाता है तो इसके बारें में development team को बताया जाता  है.
  6. इसके बाद development team इन bugs को fix कर देती है और software को टेस्टिंग टीम को दुबारा से test करने के लिए दे दिया जाता है.

Manual Testing tools in Hindi – मैन्युअल टेस्टिंग टूल

इसमें प्रयोग किये जाने वाले testing tools निम्नलिखित हैं:-

  • Selenium
  • QTP
  • Jmeter
  • Loadrunner
  • TestLink
  • Quality Center(ALM)

References:- https://www.guru99.com/manual-testing.html

आप इसकी YouTube video देख सकते हैं:-

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