Variable in C++ in Hindi – सी.प्लस.प्लस में वेरिएबल क्या है?

हेल्लो दोस्तों! आज हम इस पोस्ट में Variable in C++ in Hindi (सी.प्लस.प्लस में वेरिएबल क्या है?) के बारें में बहुत ही आसान भाषा में पढेंगे और इसके types को भी देखेंगे. इसे आप पूरा पढ़िए यह आपको आसानी से समझ में आ जायेगा.

Variable in C++ in Hindi

Variable को निम्नलिखित बिन्दुओं के आधार पर आसानी से समझा जा सकता है.

  • C++ में, Variable एक container होता है जिसमें values को स्टोर किया जाता है. किसी भी तरह के data को कंप्यूटर की मेमोरी में स्टोर करने के लिए हम variables का उपयोग करते है.
  • आसान शब्दों में कहे तो “variables किसी box की तरह होते है जिसमे आप values को स्टोर करते है.”
  • एक variable मैमोरी लोकेशन को दिया गया एक name होता है. और बाद में इसी name का प्रयोग करते हुए स्टोर की गयी वैल्यू पर अलग अलग ऑपरेशन को परफॉर्म किया जाता है.
  • variable में store की गयी की value को program के execution के दौरान change किया जा सकता है. example के लिए – यदि आपने किसी variable में 5 स्टोर किया है तो आप इसे change करके 10 कर सकते है ऐसे आप खुद manually भी कर सकते है या फिर किसी ऑपरेशन के द्वारा भी ऐसा किया जा सकता है.
  • C++ में, सभी variables को प्रयोग करने से पहले उन्हें declare या create करना आवश्यक होता है.

Creating Variable – वेरिएबल को create करना

C++ में भी c लैंग्वेज (language) की तरह ही variables को create किया जाता है. variables को create करने का general syntax आपको निचे दिया जा रहा है.

c++ में variables को create करने के लिए सबसे पहले आप ये define करते है की आप किस तरह की value को उस variable में स्टोर करेंगे. ऐसे आप data type को डिफाइन करके करते है.
Data type से compiler को पता चलता है की किस तरह की वैल्यू को एक particular variables में स्टोर की जाएगी इस जानकारी के आधार पर compiler जितनी मेमोरी की required होती है उतनी इस variable को देता है.

data type को डिफाइन करने के बाद variable का एक unique नाम को डिफाइन किया जाता है आप एक नाम के 2 variables नहीं create कर सकते है.

C++ एक case sensitive language है इसलिए upper case और lower case में variables को अलग अलग माने जाते है. example के लिए– age और Age दो different variables माने जायेंगे.

तो आएये अब c++ में variables को create करने का एक example देखते है:-

int age;

उपर दिए गए example में integer type के variable को क्रिएट किया गया है. इस variable का नाम age है.

Initializing variable – वेरिएबल को initialize करना

variable में value को स्टोर करना variable initialization कहलाता है.

किसी भी variable में वैल्यू को स्टोर करवाने के लिए पहले आप उस variable का नाम लिखते है. इसके बाद assignment operator (=) लगाकर आप वह वैल्यू को लिखते है जिसे आप इस variable में स्टोर करना चाहते है.

इसका general syntax आपको निचे दिया जा रहा है

variable_name = value;

तो आएये अब इसे एक example से समझने का प्रयास करते है मान लीजिये की आप उपर create किये गए variable को वैल्यू assign करवाना चाहते है तो ऐसे आप इस प्रकार कर सकते है.

age=29;

आप चाहे तो variable को क्रिएट करते समय भी value assign कर सकते है इसका example निचे दिया जा रहा है.

int age=29;

Displaying Variables – वेरिएबल डिस्प्ले करना

किसी भी variable की वैल्यू को console screen पर display करने के लिए आप cout स्टेटमेंट का प्रयोग करते है इसका general syntax  निचे दिया जा रहा है.

cout<<variable-name;

उदाहरण के लिए आप यदि आप age variable की वैल्यू को print करना चाहते है तो ऐसा आप इस प्रकार कर सकते है.

cout<<age;
  • Data Types in C++ in Hindi
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Types of variable in C++ in Hindi

c++ में, variable के scope के आधार पर इसके 2 प्रकार होते हैं:-

  1. global variables
  2. local variables

Global Variable (ग्लोबल वेरिएबल)

जो variables पुरे प्रोग्राम में कही भी access या use किये जा सकते है, तो इस प्रकार के variables को global variables कहते हैं.

ऐसे variables को प्रोग्राम की शुरुआत में ही define किया जाता है इसका example आपको निचे दिया जा रहा है:-

#include<iostream>
Using namespace std;
Int num=25;
void display()
{
   cout<<”Number is : “<<num;
}
Int main()
{
    Display();
    Return();
}

इसका आउटपुट:-
Number is: 25

Local variable (लोकल वेरिएबल)

Local variables ऐसे variables होते है जो किसी block में create किये जाते हैं जैसे की कोई function या control statement आदि.

लोकल वेरिएबल को सिर्फ उस block में ही access या use किया जा सकता है जिसमें इसे define किया जाता है. इसका example आपको निचे दिया गया है:-

#include<iostream>
Using namespace std;
Int myFunction()
{
   Int num=10;
   Cout<<num;
}
Int main()
{
   Cout<<”hello”;
   Cout<<num;
   Return 0;
}

उपर दिए गए example में myFunction() फंक्शन में create किये गए variable को main() फंक्शन में access किया है. ऐसे करने पर error generate होगी क्योकि num एक local variable और उसे myFunction() में ही प्रयोग किया जा सकता है.

इसका आउटपुट:-
error : num was not declared in this scope

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