Algorithm क्या है? – What is Algorithm in Hindi

हेल्लो दोस्तों! आज हम इस पोस्ट में What is Algorithm in Hindi (एल्गोरिथम क्या है?) के बारें में पढेंगे. इसे बहुत ही आसान भाषा में लिखा गया है. इसे आप पूरा पढ़िए, यह आपको आसानी से समझ में आ जायेगा. तो चलिए शुरू करते हैं:-

Algorithm in Hindi – एल्गोरिथम क्या है?

  • Algorithm निर्देशों का एक समूह है जिसके द्वारा किसी विशेष problem (समस्या) को solve किया जाता है.
  • दूसरे शब्दों में कहें तो, “एल्गोरिथम एक प्रक्रिया है जिसके द्वारा प्रोग्रामिंग में आने वाली समस्या का समाधान किया जाता है.”
  • एल्गोरिथम rules (नियमों) का एक समूह होता है जिनका इस्तेमाल step by step किसी काम को पूरा करने में किया जाता है।
  • एल्गोरिथ्म का प्रयोग mathematics और computer science में समस्याओ को सुलझाने के लिए किया जाता है। यह जटिल (complex) कार्यो को करने में सक्ष्म होता है।
  • Algorithm को Flowchart का उपयोग करके प्रस्तुत किया जाता है।
  • एल्गोरिथम का प्रयोग हम किसी भी programming language जैसे कि- C, C++, Java, और Python आदि में कर सकते है.

इसे पढ़ें:-

  • Flow Chart क्या है?
  • Debugging क्या है?

Characteristics of Algorithm in Hindi – एल्गोरिथम की विशेषताएं

इसकी विशेषताएं निम्नलिखित होती हैं:-

1- Unambiguous (स्पष्ट) – एल्गोरिथम स्पष्ट होनी चाहिए, इसका प्रत्येक स्टेप स्पष्ट होना चाहिए. इसके प्रत्येक step का केवल एक meaning (अर्थ) होना चाहिए. इसका मतलब यह है कि यह हमें आसानी से समझ में आ जानी चाहिए.

2- Input (इनपुट) – एल्गोरिथम के पास एक इनपुट अवश्य होना चाहिए और यह इनपुट अच्छी तरह से defined (परिभाषित) होना चाहिए.

3- Output (आउटपुट) – एल्गोरिथम द्वारा कम से कम एक आउटपुट अवश्य देना चाहिए.

4- Finiteness (परिमित) – एल्गोरिथम finite (परिमित) अवश्य होनी चाहिए, यह infinite (अपरिमित) नहीं होनी चाहिए.

5- Feasible (संभव) – एल्गोरिथम feasible होनी चाहिए. अगर हम ऐसी एल्गोरिथम बनायेंगे जो संभव ही नही है तो उसका कोई फायदा नहीं है.

6- Independent (स्वतंत्र) – एल्गोरिथम स्वतंत्र होनी चाहिए, यह किसी language पर dependent (निर्भर) नही होनी चाहिए. अर्थात् algorithm का इस्तेमाल सभी languages में इस्तेमाल किया जा सकना चाहिए.

Advantages of Algorithm in Hindi – एल्गोरिथम के फायदे

1- Algorithm को समझना आसान होता है।

2- यह किसी समस्या को सुलझाने में मदद करता है।

3- एल्गोरिथ्म को वास्तविक प्रोग्राम में convert करना आसान होता है।

4- यह किसी समस्या को step by step सुलझाता है।

5- यह किसी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज पर depend (निर्भर) नहीं होता।

6- इसमें debugging करना आसान होता है।

7- एल्गोरिथम की मदद से हम बड़ी problems को छोटी problems में विभाजित कर सकते हैं.

8- यह प्रोग्राम के ब्लूप्रिंट की तरह कार्य करता है इसलिए प्रोग्राम को लिखना बहुत आसान हो जाता है.

Disadvantages of algorithm – एल्गोरिथम के नुकसान

1- एल्गोरिथम को लिखने में काफी ज्यादा समय लगता है।

2- बड़े एल्गोरिथम बहुत complex (जटिल) होते हैं.

3- इसमें loop स्टेटमेंट जैसे कि – while loop, for loop आदि को दिखाना मुश्किल होता है।

  • कंट्रोल स्टेटमेंट क्या है?
  • Array क्या है और इसके प्रकार

Types of Algorithm in Hindi – एल्गोरिथम के प्रकार

इसके प्रकार निम्नलिखित होते हैं:-

1- Search

इस एल्गोरिथम का इस्तेमाल किसी item को खोजने के लिए किया जाता है.

2- Sort

इस एल्गोरिथम का इस्तेमाल items को एक विशेष क्रम में sort करने के लिए किया जाता है.

3- Delete

इस एल्गोरिथम का इस्तेमाल items को delete करने के लिए किया जाता है.

4- Insert

इस एल्गोरिथम का इस्तेमाल items को insert करने के लिए किया जाता है.

5- Update

इस एल्गोरिथम का प्रयोग पहले से मौजूद items को update करने के लिए किया जाता है.

Algorithm का उदाहरण

नीचे आपको दो numbers को जोड़ने की एल्गोरिथम का example दिया हैं:-

Step 1 – Start
Step 2 – तीन वेरिएबल num1, num2 और sum को declare करें.
Step 3 - num1 और num2 को वैल्यू assign करें.
Step 4 – num1 और num2 की value को जोड़ें. 
Step 5- स्टेप 4 के आउटपुट को वेरिएबल sum में स्टोर करें.
Step 6- sum को डिस्प्ले करें.
Step 7- Stop

Complexity of Algorithm in Hindi – एल्गोरिथम की कोम्प्लेक्सिटी

किसी एल्गोरिथम की complexity को दो प्रकार से मापा जाता है:-

1- Time Complexity

एक एल्गोरिथम को execute होने में लगने वाले कुल समय को time complexity कहते हैं. अल्गोरिथम की टाइम कॉम्प्लेक्सिटी को Big O notation का इस्तेमाल करके प्रस्तुत किया जाता है।

2- Space Complexity

एल्गोरिथम के द्वारा किसी problem को solve करने में ली गयी memory space की मात्रा को space complexity कहते हैं. स्पेस कॉम्प्लेक्सिटी को Big O (O(n)) notation के द्वारा प्रस्तुत किया जाता है.

इसे पूरा पढ़ें:- Time complexity और Space complexity क्या है?

Factors of Algorithm in Hindi – एल्गोरिथम के फैक्टर

किसी भी algorithm को लिखने से पहले कुछ factors होते हैं जिन्हें ध्यान में रखना चाहिए.

Modularity – दी गयी problem को छोटे छोटे steps में विभाजित करना modularity कहलाता है.

Correctness – यदि दिए गये input के द्वारा वांछित आउटपुट प्राप्त होता है तो उससे पता चलता है कि एल्गोरिथम correct (सही) है.

Maintainability – इसमें maintainability का अर्थ है कि हमें एल्गोरिथम को बहुत ही सरल तरीके से लिखना चाहिए, जिससे कि हमें बाद में इसमें ज्यादा बदलाव ना करना पड़े.

Functionality – इसमें बहुत सारें steps आते हैं जो वास्तविक दुनिया की समस्याओं को solve करते हैं.

Robustness – यह algorithm की क्षमता होती है जिसके द्वारा problem को सही तरीके से डिफाइन किया जाता है.

User-friendly – एल्गोरिथम यूजर फ्रेंडली होनी चाहिए.

Simplicity – अगर एल्गोरिथम simple होती है तो उसे समझना आसान होता है.

Extensibility – हमारी एल्गोरिथम extensible होनी चाहिए जिससे कि इसका इस्तेमाल कोई दूसरा डिज़ाइनर और प्रोग्रामर भी कर सकें.

Approaches of Algorithm in Hindi – एल्गोरिथम की एप्रोच

एक algorithm को लिखने की बहुत सारीं approaches होती हैं जो कि निम्नलिखित हैं:-

Divide and Conquer 

इस एप्रोच में, एक problem को छोटे छोटे sub-problems में विभाजित कर लिया जाता है. फिर उसके बाद इन sub-problems को एक एक करके solve किया जाता है.

Greedy approach 

सभी algorithm approaches में से सबसे सरल और सीधी एप्रोच greedy algorithm है. इस approach में, भविष्य की चिंता किये बिना वर्तमान में उपलब्ध जानकारी के आधार पर निर्णय लिया जाता है.

Dynamic programming 

dynamic programming एक bottom up approach है,  इसमें हम सभी संभावित छोटी problems को solve करते हैं और फिर बड़ी problems के solution को प्राप्त करने के लिए उन्हें combine करते हैं।

इसे पूरा पढ़ें:- Algorithm की सभी approaches क्या हैं?

Algorithm और Flowchart के बीच अंतर

Algorithm Flowchart
यह किसी समस्या को solve करने की एक प्रक्रिया है. यह एक डायग्राम होता है जो data क flow को दर्शाता
एल्गोरिथम को समझना कठिन है. फ्लोचार्ट को समझना आसान होता है.
इसमें text का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें symbols का इस्तेमाल किया जाता है.
इसे debug करना आसान होता है. इसे debug करना मुश्किल होता है.
एल्गोरिथम को बनाना मुश्किल होता है. फ्लोचार्ट को बनाना आसान होता है.

Reference:- https://www.simplilearn.com/tutorials/data-structure-tutorial/what-is-an-algorithm

निवेदन:- अगर आपके लिए What is Algorithm in Hindi (एल्गोरिथम क्या है?) का यह आर्टिकल उपयोगी रहा हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ अवश्य share कीजिये. और आपके जो भी questions हो उन्हें नीचे comment करके बताइए. धन्यवाद.

Leave a Comment