IoT क्या है और इसके फायदे, नुकसान क्या है?

हेल्लो दोस्तों! आज हम इस पोस्ट में What is IoT in Hindi ( इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स क्या है?) के बारें में पढेंगे और इसके advantages, applications को भी देखेंगे. इसे आप पूरा पढ़िए, आपको यह आसानी से समझ में आ जायेगा. तो चलिए शुरू करते हैं:- 

Table of Contents

What is IoT in Hindi – इंटरनेट ऑफ थिंग्स क्या है?

  • IoT का पूरा नाम Internet of Things (इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स) है। इसका इस्तेमाल सेंसर , सॉफ्टवेयर और टेक्नोलॉजी की मदद से Data को एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस में ट्रान्सफर करने के लिए किया जाता है।
  • Internet of Things का मतलब है “इंटरनेट का प्रयोग करके devices को एक्सेस करना और कंट्रोल करना”
  • इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स के द्वारा हम devices को इंटरनेट की सहायता से एक्सेस कर सकते हैं और उन्हें कंट्रोल कर सकते हैं।
  • दूसरे शब्दों में कहें तो, “वो सभी physical devices जो इंटरनेट से जुड़ी हुई है और जो डाटा को collect और share करती हैं। IoT कहलाती है।”
  • Internet of Things  में things का मतलब है, “इंटरनेट से connect हुई वो सभी चीजें जिन्हें हम अपनी life में रोज इस्तेमाल करते हैं जैसे कि- मोबाइल फोन, स्मार्ट वाच, घर मे लगा पंखा, और कार आदि।” इन सभी चीजों को हम इंटरनेट से connect करके एक्सेस कर सकते हैं।
  •  IoT का उपयोग organization और Industry में काम में तेजी लाने के लिए किया जाता है। जैसे- काम को सही समय पर पूरा करने के लिए, customer को अच्छी सर्विस देने के लिए, और बिज़नेस की value को मार्किट में बढ़ाने के लिए।

Advantages of Internet of Things in Hindi –इंटरनेट ऑफ थिंग्स के फायदे

1- Easy Access (आसान एक्सेस)

IOT को access करना काफी ज्यादा आसान होता है। IOT की मदद से हम दुनिया के किसी भी कोने में बैठकर आवश्यक जानकारी को प्राप्त कर सकते है।

जानकारी को प्राप्त करने के लिए हमारे पास internet connection और smart device की सुविधा होनी चाहिए। जिसकी मदद से हम किसी भी प्रकार की जानकारी को आसानी से प्राप्त कर सकते है।

2- Speed (गति)

IOT devices में डेटा को ट्रांसफर करने की गति (speed) काफी तेज होती है। ये devices बहुत तेज गति से डेटा को एक डिवाइस से दुसरे डिवाइस में transfer करते है।

पुराने समय में डेटा को ट्रांसफर करने के लिए  2g और 3g का उपयोग करते थे। जिसके कारण डेटा को ट्रांसफर करने में काफी समय का वक़्त लगता था।

इसी समस्या को सुलझाने के लिए 4g को लांच किया। जिसके कारण डेटा को एक डिवाइस से दुसरे डिवाइस में ट्रांसफर करना और भी ज्यादा आसान हो गया।

और अब तो भारत में 5g भी लांच होने वाला है। जिसकी मदद से डेटा को ट्रांसफर करना user के लिए और भी ज्यादा आसान हो जायेगा।

3- Cost Reduction (लागत में कमी)

आईओटी बिज़नेस के खर्चो को कम करने में मदद करता है। जिसके कारण बिज़नेस में बहुत सारे लगने खर्च काफी हद तक कम हो जाता है।

IOT devices की मदद से product और equipment (उपकरण) को maintain करना काफी आसान होता है। जिसके कारण इन सभी चीज़ो में ज्यादा पैसे खर्च नहीं करने पड़ते।

4- Automation (स्वचालन)

आईओटी Automation को काफी बढ़ावा देता है। Automation का मतलब यह होता है की जिन कामो को करने के लिए इंसानो की ज़रूरत ना पड़े। आईओटी के डिवाइस automatically (अपने-आप) ही किसी काम को पूरा करने में सक्षम होते है।

5- Save Time (समय की बचत)

आईओटी में user के समय की बचत होती है। उसका सबसे बड़ा कारण यह की IOT किसी काम को बहुत तेज गति के साथ पूरा करने में सक्षम होते है। इसीलिए काफी समय की बचत हो जाती है।

इंसानो की तुलना में मशीन तेज गति से कार्य को करने में सक्ष्म होती है।

6- Monitor (निगरानी)

आईओटी का उपयोग करके हम किसी भी तरह की चीज़ को आसानी से monitor कर सकते है। जैसे- हवा की मात्रा को मॉनिटर करना, तापमान को मॉनिटर करना, air quality को मॉनिटर करना और अपने प्रोडक्ट की निगरानी करना आदि.

7- Better Lifestyle (बेहतर जीवन)

आईओटी ने सचमुच लोगो के जीवन को काफी आसान बना दिया है। आज के समय में लगभग सभी लोग IOT के devices का उपयोग करते है। जिसके कारण लोग अपने काम आसानी से पूरा कर पाते है ।

जैसे आजकल लोग smart phone, smart TV, refrigerator, A.C., और smart car जैसे उपकरणों का उपयोग करते हैं। इसने लोगो के जीवन को आसान बना दिया।

7- Resources Utilization (संसाधन का उपयोग)

आईओटी की मदद से resources (संसाधन) को पूरी तरह utilize किया जा सकता है। क्योकि इसमें किसी काम को पूरा करने के लिए मशीनो का उपयोग किया जाता है।

और इंसानो की तुलना में मशीन ज्यादा अच्छे से resources को utilize करने में सक्षम होती है।

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Disadvantages of Internet of Things (IoT) in Hindi – आईओटी के नुकसान

इसके निम्न नुकसान होते हैं-

1- Security और Privacy (सुरक्षा और प्राइवेसी)

IOT का सबसे बड़ा नुसकान यही है की इसमें security (सुरक्षा) का अभाव देखने को मिलता है। यानी यूजर का डेटा पूरी तरह secure (सुरक्षित) नहीं होता। IoT के ज्यादातर डिवाइस internet के साथ जुड़े होते है।

जिसके कारण इन devices को hackers के द्वारा हैक किया जा सकता है। जिसके कारण hackers यूजर के डेटा को आसानी से चुरा सकता है।

2-Complexity (जटिलता)

IOT में टेक्नोलॉजी को डिज़ाइन करना , उनको develop करना और उन टेक्नोलॉजी को maintain करना काफी मुश्किल और complex होता है।

3- Unemployment (बेरोजगारी)

आजकल ज्यादातर कार्यो को IoT  से चलने वाली मशीनो के द्वारा पूरा किया जाता है। जिसके कारण labour work की ज़रूरत नहीं पड़ती। जिससे बेरोजगारी बढ़ती है।

4- Dependency (निर्भरता)

आज के समय में लगभग हर एक व्यक्ति IOT devices पर पूरी तरह से निर्भर हो चूका है। यानी इंसान इन devices के बिना किसी कार्य को नहीं कर सकता।

छोटे से लेकर बड़े लोग इन पर निर्भर हो चुके है। जो आने वाले समय के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

Applications of Internet of Things (IoT) in Hindi – इन्टरनेट ऑफ़ थिंग्स के अनुप्रयोग

इसका इस्तेमाल बहुत सारीं जगहों पर किया जाता है–

1- Health (स्वास्थ के क्षेत्र में)

IoT मरीजों और doctors दोनों के लिए बहुत उपयोगी है. इसका प्रयोग करके बिमारियों का पता लगाया जाता है, बीमारी को ठीक किया जाता है और emergency में मरीज की जान भी बचायी जा सकती है.

इसके अलावा इसका इस्तेमाल में दवाइयों, मरीज और डॉक्टर के डेटा को monitor करने के लिए किया जाता है।

IOT का उपयोग करके हम पेशेंट की pulse rate, heartbeat (हृदय गति) और फिटनेस को Check कर सकते है।

2-  Agriculture (खेतीके क्षेत्र में –

IOT का उपयोग स्मार्ट तरीके से खेती करने के लिए किया जाता है। इसका प्रयोग कृषि में फसलों और खेत की quality को check करने में किया जाता है.

चूँकि अच्छी फसल के लिए खेत की मिट्टी की गुणवत्ता अच्छी होनी चाहिए. इसलिए IoT का प्रयोग करके इसकी quality को बेहतर किया जा सकता है.

कुछ जानवर होते हैं जो फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं इसलिए हम इन जानवरों की निगरानी IoT के माध्यम से आसानी से कर सकते हैं।

3- Smart Homes (स्मार्ट घरोंमें

Internet of Things का इस्तेमाल घर को smart बनाने के लिए भी किया जाता है। जैसे- घरों की सुरक्षा करने के लिए,  घर में light प्रदान करने के लिए आदि .

इसके अलावा इस तकनीक का उपयोग करके user अपने स्मार्टफोन , टेबलेट और कंप्यूटर की मदद से घर के अन्य devices को कण्ट्रोल कर सकता है। जैसे – यूजर अपने मोबाइल से ही पंखे को on या off कर सकता है।

अगर घर में आग लग जाये तो IoT डिवाइस खुद ही अलार्म बजाने लग जाएगी जिससे आपको तुरंत पता चल जाएगा।

3- Smart City (स्मार्ट शहरमें

इंटरनेट ऑफ थिंग्स का इस्तेमाल smart city के निर्माण के लिए किया जाता है।

शहर के ट्रैफिक को मैनेज करने के लिए , Waste (कूड़े) को मैनेज करने के लिए, Water Distribution (पानी के वितरण) के लिए, और बिजली को मैनेज करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है .

4- Wearables (पहनने योग्य)

IOT का उपयोग Wearables में किया जाता है। जैसे smart watch, heart rate monitor, fit bits और GPS tracking belts आदि। google , apple और samsung जैसी बड़ी कम्पनिया इन devices को विकसित करती है।

smart watch, heart rate monitor, fit bits और GPS tracking belts जैसे devices का उपयोग यूजर अपनी डेली लाइफ में करते है। wearbles के ज्यादातर devices का आकार काफी छोटा होता है। जिसकी वजह से यह devices ज्यादा मात्रा में energy को consume नहीं कर पाते।

उदहारण के लिए fitness tracker . यह एक wearable डिवाइस है। जो human body की शारीरिक गतिविधिओ पर नजर रखता है। इसके अलावा यह डिवाइस human body के संकेतो को आसानी से महसूस कर सकता है।

5- Traffic Management (यातायात को मैनेजकरने के लिए

IOT का उपयोग traffic को monitor करने के लिए भी किया जाता है। IOT में ऐसे ऐसे टूल्स है। जिनका उपयोग करके यूजर आसानी से ट्रैफिक को monitor कर सकता है।

जैसे google map . इस टूल की मदद से कोई भी व्यक्ति traffic का पता आसानी से लगा सकता है। यानी किस स्थान पर कितना ट्रैफिक मौजूद है। इसके अलावा IOT का उपयोग गाड़ियों की रफ़्तार का पता लगाने के लिए किया जाता है।

यानी गाड़ी किस स्पीड से चल रही है। जो user ट्रैफिक रूल्स का पालन नहीं करते। उनका चलान कंप्यूटर की मदद से automatic कट जाता है। और उनके घर पहुंच जाता है। यह सुविधा भी IOT के कारण सम्भव है।

6- Banking में

IOT का उपयोग Banking के छेत्र में भी किया जाता है। आज के समय में कोई भी व्यक्ति घर बैठे अपने पैसो को एक account से दुसरे account में आसानी से ट्रांसफर कर सकता है।

व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर करने के लिए बैंको में जाने की ज़रूरत नहीं पड़ती। और यह सब IOT के कारण सम्भव हो पाया है।

इसके अलावा IOT का उपयोग समान खरीदने से लेकर मोबाइल रिचार्ज तक के लिए किया जाता है। यानी IOT के कारण हर प्रकार का ऑनलाइन कार्य सभव है।

7- Surveillance (निगरानीमें

IOT का उपयोग घर , ऑफिस, airports आदि जगह में निगरानी रखने के लिए किया जाता है। जिसके कारण इन सभी स्थानों को अच्छी security प्रदान की जा सके।

ताकि लोग और उनका समान पूरी तरह सुरक्षित रह सके। इसका सबसे अच्छा उदहारण है CCTV camera . इसकी मदद से आप लोगो पर आसानी से नजर रख सकते है। और उनकी गतिविधियों को भी देख सकते है।

8- इसका इस्तेमाल Disaster management के लिए भी किया जाता है।

9- इसका इस्तेमाल डेटा को एक डिवाइस से दुसरे डिवाइस में ट्रांसफर करने के लिए भी किया जाता है।

10- इसका उपयोग डेटा को analyze करने के लिए भी किया जाता है।

Types of Internet of Things (IoT) network in Hindi – IoT नेटवर्क के प्रकार

1- LPWANs

LPWANs को (Low Power Wide Area Networks) भी कहा जाता है। जिसका उपयोग लम्बी दूरी के communication के लिए किया जाता है। इसके अलावा LPWANs का उपयोग सभी प्रकार के IOT सेंसर को devices के साथ जोड़ने के लिए किया जाता है।

LPWANs की मदद से वस्तुओ को track किया जा सकता है। इसके अलावा वातावरण में होने वाली घटनाओ पर नजर रखा जा सकता है.

Advantage of LPWANs – LPWANs के फायदे

1- LPWANs लम्बी दूरी के संचार (communication) में मदद करता है।

2- यह ज्यादा energy का इस्तेमाल नहीं करता। अर्थात इसमें बिजली कम खर्च होती है।

3- यह ज्यादा expensive (महंगा) नहीं होता है।

Disadvantage of LPWANs – इसके नुकसान

1- यह केवल low data rate को ही सपोर्ट करता है इसलिए इसका उपयोग उच्च डेटा दर (High data rate) की एप्लीकेशन में नहीं किया जा सकता।

2- यह low latency एप्लीकेशन के लिए उपयुक्त नही होता।

2- Cellular  Network (3G/4G/5G)

cellular एक तरह का नेटवर्क होता है। जिसका उपयोग यूजर को बेहतर voice call और video streaming की सुविधा प्रदान करने के लिए किया जाता है। जिसकी वजह से यूजर live video को आसानी से देख सकता है।

इसके अलावा cellular का उपयोग वस्तुओ को track करने के लिए किया जाता है। उदहारण के लिए कार में music सुनने, और road में traffic को देखने के लिये।

Advantage of Cellular network – सेलुलर नेटवर्क के फायदे

1- Cellular network यूजर को voice और data सर्विस प्रदान करता है। जिसकी वजह से यूजर को voice call और वीडियो स्ट्रीमिंग की सुविधा प्राप्त होती है।

2- Cellular network को मेन्टेन करना काफी आसान होता है।

3.cellular network ज्यादा मात्रा में energy का consumption नहीं करते। अर्थात इसमें कम बिजली खर्च होती है।

Disadvantage of Cellular network – इसके नुकसान

1.Cellular network के इंफ्रास्ट्रक्चर को setup करने में यूजर को ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ते है।

2.Cellular network वायरलेस नेटवर्क होते है। इसलिए अगर वातावरण खराब होता है . तो यह cellular network को प्रभावित कर सकता है।

3.सेलुलर नेटवर्क wired network की तुलना में कम data को ट्रांसफर करते है।

3.Zigbee

Zigbee एक तरह की वायरलेस तकनीक है। जिसका उपयोग वायरलेस डिवाइस से वायरलेस डिवाइस में data को transfer करने के लिए किया जाता है। Zigbee के setup में यूजर को ज्यादा पैसे नहीं खर्च करने पड़ते। और Zigbee ज्यादा मात्रा में एनर्जी को consume भी नहीं करते।

Zigbee का निर्माण IOT network की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए भी किया गया है।

Advantage of Zigbee in Hindi

1- Zigbee technology का सेटअप करना यूजर के लिए काफी आसान होता है।

2- .Zigbee को यूजर के द्वारा आसानी से control किया जा सकता है।

3- Zigbee टेक्नोलॉजी ज्यादा expensive नहीं है।

Disadvantage of Zigbee

1- Zigbee का ट्रांसमिशन rate काफी low होता है। यानी डाटा को ट्रांसफर करने में काफी समय का वक़्त लगता है।

2- Zigbee अधिक दूरी को कवर नहीं कर पाते। यानी इसके द्वारा लम्बी दूरी में डाटा को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता।

3.Zigbee टेक्नोलॉजी को maintain करना यूजर के लिए काफी मुश्किल होता है।

4.Bluetooth

Bluetooth एक वायरलेस नेटवर्क है। जिसका उपयोग data और files को एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है।

ब्लूटूथ PAN (Personal Area Networks) की केटेगरी में आता है। जिसका मतलब यह है की ब्लूटूथ नेटवर्क का उपयोग limited area (सीमित क्षेत्र) में डाटा और फाइलों को ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। इसकी रेंज लगभग 100 मीटर की होती है।

Bluetooth के फायदे

1- Bluetooth की मदद से डाटा और फाइलों को आसानी से एक डिवाइस से दुसरे डिवाइस में transfer किया जा सकता है।

2- इसकी मदद से इंटरनेट को access किया जा सकता है।

3- Bluetooth ज्यादा मात्रा में energy को consume नहीं करता।

ब्लूटूथ के नुकसान

1- यह केवल 100 मीटर की दूरी तक ही डेटा को ट्रांसफर कर सकता है। जिसके कारण यूजर को डाटा और फाइलों को transfer करने के लिए 100 मीटर की range के अंदर ही रहना पड़ता है।

2- इसको hacker के द्वारा आसानी से hack किया जा सकता है।

5- Wi-Fi

Wi-Fi एक तरह की वायरलेस टेक्नोलॉजी है। जिसका उपयोग कंप्यूटर , मोबाइल और टेबलेट जैसे devices में इंटरनेट को कनेक्ट करने के लिए किया जाता है।  सरल शब्दो में कहे तो यूजर आसानी से Wi-Fi की मदद से इंटरनेट को अपने डिवाइस में access कर सकता है।

Wi-Fi टेक्नोलॉजी लिमिटेड एरिया को cover करने के लिए होती है। Wi-Fi किसी डिवाइस को इंटरनेट से कनेक्ट करने के लिए nearby technology और radio signal का उपयोग करता है।

वाईफाई के फायदे

1- इसका उपयोग करना किसी भी यूजर के लिए आसान होता है।

2- इसको setup करना काफी आसान होता है।

3- यह अच्छी मात्रा में security (सुरक्षा) प्रदान करता है। यानी Wi-Fi में यूजर का डाटा पूरी तरह से सुरक्षित होता है।

वाईफाई के नुकसान

1- Wi-Fi की range limited होती है। यानी यूजर को इंटरनेट access करने के लिए range के अंदर रहना पड़ता है।

2- Wi-Fi को कण्ट्रोल करना यूजर के लिए काफी मुश्किल होता है।

6- RFID (Radio Frequency Identification)

RFID को Radio Frequency Identification भी कहा जाता है। जिसका उपयोग data को संचारित (transmit) करने के लिए किया जाता है। Data को संचारित (transmit) करने के लिए RFID रेडियो सिग्नल का उपयोग करता है। इसके अलावा RFID का उपयोग Real time data को track  करने के लिए भी किया जाता है।

RFID के फायदे

1- इसकी मदद से रियल टाइम डाटा को track किया जा सकता है।

2- इसमें यूजर का डाटा secure होता है।

RFID के नुकसान

1- यह तकनीक काफी ज्यादा expensive होती है।

2- इसको setup करने में काफी समय लगता है।

Reference:- https://www.javatpoint.com/iot-internet-of-things

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